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2022 तक शत-प्रतिशत गांव तक नल-जल पहुंचाने का है लक्ष्य – सांसद श्री लालवानी
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक संपन्न
इंदौर. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम के प्रत्येक घर को वर्ष 2024 तक नल कनेक्शन के माध्यम से जल्द प्रदान करने की घोषणा की गई थी। इस संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक आयोजित की गई।
इस दौरान सांसद श्री शंकर लालवानी, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहन सक्सेना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री सुनील उदिया, सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में श्री शंकर लालवानी ने बताया कि इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2 लाख 2 हजार 824 परिवार निवासरत हैं। इनमें से 28.67 प्रतिशत अर्थात 58 हजार 146 घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदान किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के सभी जिलों में 2024 तक प्रत्येक घर में नल कनेक्शन का लक्ष्य रखा गया है किंतु इंदौर जिले में मार्च 2022 तक शत-प्रतिशत नल कनेक्शन पूर्ण करने का लक्ष्य है।
कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत जल उपलब्धता के साथ-साथ ग्राउंडवाटर रिचार्ज हेतु समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। अन्यथा की स्थिति में ट्यूबवेल आदि सूख जाते हैं तथा वाटर सप्लाई में समस्या आती है।
उन्होंने बताया कि इस संपूर्ण मिशन का उद्देश्य नियमित रूप से हर घर में जल प्रदान करने का है जो ना केवल प्रशासनिक तैयारियों बल्कि जनप्रतिनिधियों एवं जनता के सहयोग से संभव है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 45 प्रतिशत राशि केंद्र शासन, 45 प्रतिशत राशि राज्य शासन तथा 10 प्रतिशत राशि जनता के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी है।
उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले में कुल 606 गांव हैं जिनमें से 351 गांव में नल जल योजना, स्पॉट सोर्स योजना के माध्यम से जल प्रदान किया जाता है। स्थापित योजनाओं में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन हेतु प्रत्येक ग्राम की अलग-अलग योजना बनाई गई है। जिनका अनुमोदन जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से होता है।
सांसद आदर्श ग्राम, प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना एवं स्थापित योजनाओं में रेट्रोफिटिंग का कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है। रिट्रोफिटिंग के कार्यों में कुछ गांवों में पाइप लाइन का विस्तार कर शत-प्रतिशत नल कनेक्शन का प्रावधान रखा गया है तथा कुछ गांव में योजना पुरानी होने के कारण आवश्यक उच्च स्तरीय टंकी एवं सम्पवेल बनाकर शत-प्रतिशत नल कनेक्शन प्रस्तावित किए गए हैं। इसी प्रकार स्पॉट सोर्स योजना में भी उच्च स्तरीय टंकी एवं सम्पवेल बनाकर पाइप लाइन का विस्तार कर नल कनेक्शन का प्रावधान है।
जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनाई गई योजना के तहत सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत दो गांव, प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 19 गांव, शासन से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजना के अंतर्गत 18 गांव, रेट्रोफिटिंग के अंतर्गत 328 गांव तथा नवीन नल जल योजना के अंतर्गत 239 गांव चयनित हैं। सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत इंदौर विकासखंड के तिल्लौरखुर्द एवं देपालपुर विकासखंड के माचल गांव को लिया गया है।
जल एवं स्वच्छता मिशन के सफल क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, राज्यस्तरीय राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन, जिला स्तरीय जिला जल एवं स्वच्छता मिशन, ग्राम स्तरीय ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति तथा थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एवं क्रियान्वयन सहायक एजेंसी कार्य कर रही हैं।
थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन से सुनिश्चित होगा गुणवत्तापूर्ण कार्य
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के सफल क्रियान्वयन हेतु क्रियान्वयन सहायक एजेंसी तथा थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के माध्यम से कार्य की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाएगी। इनमें गैर सरकारी संगठन, स्वयंसेवी संगठन, महिला स्व सहायता समूह आदि को पैनल में शामिल किया जाएगा। क्रियान्वयन सहायक एजेंसी का मुख्य कार्य योजना प्रारूप, क्रियान्वयन, प्रबंधन, संचालन तथा रखरखाव करने हेतु समुदायों को प्रेरित करने का है।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति में 50 प्रतिशत है महिलाओं की भागीदारी
ग्राम जल एवं स्वच्छतासमिति में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की रखी गई है जो योजना की सफलता की कुंजी होगी। इस समिति का निर्माण ग्राम स्तर पर ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन कर, किया जाएगा। समिति के 25 प्रतिशत सदस्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के होंगे तथा समिति का कार्यकाल 2 से 3 वर्ष का रहेगा।


